अब गोद लेकर सुधारी जाएगी क्षय रोगियों की सेहत
– एनजीओ व आम नागरिक भी ले सकते हैं गोद
– जिले में 704 क्षय रोगियों को किया गया चिन्हित
बांदा। प्रशासनिक अधिकारियों अफसरों और जनप्रतिनिधियों की तरह अब आमनागरिक भी क्षय रोगियों को गोद ले सकेंगे। गोद लिए जाने से क्षय रोगियों की सेहत में जल्दी सुधार लाया जा सकता है। जनपद में 704 क्षय रोगियों को गोद लेने का लक्ष्य रखा गया है। 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस पर इसकी शुरूआत होगी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इच्छुक लोगों के आवेदन पर क्षय रोगियों को गोद दिया जाएगा।
केंद्र और प्रदेश सरकार देश को वर्ष 2025 से पूर्व क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए जुटे हुए हैं। क्षय रोगियों को बीमारी से छुटकारा दिलाते हुए उनकी सेहत सुधारने के लिए प्रदेश स्तर पर अभियान चल रहा है। इसके साथ ही क्षय रोग के प्रति लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है, जिससे लोग लक्षण दिखते ही मरीजों की जांच कराने के साथ इलाज करवा सकें। वहीं, अब क्षय रोगियों को गोद देने की योजना शुरू की जा रही है। जब क्षय रोगी की सेहत बेहत रहो जाएगी तो गोद लेने वाले व्यक्ति को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. संजय कुमार शैवाल ने बताया कि क्षय रोगियों को बीमारी से छुटकारा दिलाते हुए उनकी सेहत सुधारने के लिए शासन की ओर 700 क्षय रोगियों को गोद लेने का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन यहां लक्ष्य को बढ़ाते हुए 704 रोगियों को गोद लिया जाएगा। ेउन्होंने कहा कि थकान, बुखार, तीन या उससे ज्यादा हफ्तों से खांसी, खांसी में खून आना, खांसते या सांस लेते हुए सीने में दर्द होना, अचानक वजन घटना, ठंड लगना और सोते हुए पसीना आना इत्यादि टीबी के लक्षण होते हैं। इसको बिल्कुल भी नजर अंदाज मत करें। समय से और इलाज लें।
इनसेट
गोद लेने वाले करेंगे खानपान की व्यवस्था
बांदा। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि क्षय रोगियों को गोद लेने के बाद उनके खानपान की व्यवस्था गोद लेने वाले व्यक्ति या संस्था को ही करनी होगी। इसके लिए अलग से बजट का कोई प्रावधान नहीं है। क्षय रोगियों को प्रोटीन से भरपूर खुराक डाइट दी जाती है। इसमें चना, गुड़ आदि शामिल होता है। यही नहीं, महीने में एक बार क्षय रोगी के घर जाकर हालचाल भी लेना होगा।

By Ravindra Mahan

Sub Editor UP TAAZA NEWS

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